Thursday, 5 March 2026

 सब जिनके लिए झोलियां फैलाए हुए हैं

वो रंग मेरी आंख के ठुकराए हुए हैं


इक तुम हो कि शोहरत की हवस ही नहीं जाती

इक हम हैं कि हर शोर से उकताए हुए हैं 


दो चार सवालात में खुलने के नहीं हम

ये उक़दे तेरे हाथ के उलझाए हुए हैं


अब किसके लिए लाए हो ये चांद सितारे

हम ख़्वाब की दुनिया से निकल आए हुए हैं


हर बात को बेवजह उदासी पे ना डालो

हम फूल किसी वजह से कुम्हलाए हुए हैं


कुछ भी तेरी दुनिया में नया ही नहीं लगता

लगता है कि पहले भी यहां आए हुए हैं


है देखने वालों के लिए और ही दुनिया


जो देख नहीं सकते वो घबराए हुए हैं 


सब दिल से यहां तेरे तरफ़दार नहीं हैं

कुछ सिर्फ़ मिरे बुग़्ज़ में भी आए हुए हैं




            फ़रीहा नक़वी


#शायरी #शेर #दुनिया #ख्वाब #दिल #रंग #आंख #शोहरत #हवस #mushaironkidunia

 सब जिनके लिए झोलियां फैलाए हुए हैं वो रंग मेरी आंख के ठुकराए हुए हैं इक तुम हो कि शोहरत की हवस ही नहीं जाती इक हम हैं कि हर शोर से उकताए हु...